ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
छत्तीसगढ़

बीएआई सम्मेलन में बोले डिप्टी सीएम साव – जीएसटी भुगतान की समस्या जल्द होगी दूर

रायपुर। बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन रविवार को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिल्डरों को बड़ी राहत का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य से होने वाले कार्यों में GST का भुगतान अलग से किया जाएगा। साथ ही बिल्डरों और ठेकेदारों की अन्य समस्याओं का भी शीघ्र समाधान किया जाएगा। साव ने विशेष रूप से पीडब्ल्यूडी विभाग से जुड़े मुख्य अभियंता स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का आश्वासन दिया।

बैठक में शामिल मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बिल्डर और ठेकेदार बस्तर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी सड़कों का निर्माण कर रहे हैं और यहां विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।

इस मौके पर बीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कम्बोह, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन रुपेश सिंघल, पूर्व चेयरमैन कंवलजीत सिंह ओबेरॉय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के सी राव, आयोजन समिति के चेयरमैन आलोक शिवहरे, वेस्ट जोन सचिव दिलीप सिंह कुशवाहा, सेंटर चेयरमैन सुशील अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में MSME क्षेत्र की चुनौतियों और EPF भुगतान में विभिन्न राज्यों में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। एसोसिएशन ने शासन से इन समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु विशेष नीति बनाने की मांग रखी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button